सिसोदिया का दावा: CBI ने जेल में राम-लक्ष्मण की तरह मुझे अलग करने की कोशिश की।


सिसोदिया का दावा: CBI ने जेल में राम-लक्ष्मण की तरह मुझे अलग करने की कोशिश की।


सिसोदिया का दावा: CBI ने जेल में राम-लक्ष्मण की तरह मुझे अलग करने की कोशिश की।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार जनता को संबोधित किया. उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘जनता की अदालत’ लगाई. इस दौरान उनके साथ पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे. उन्होंने जंतर-मंतर से जनता को संबोधित करते हुए बताया कि जेल में सीबीआई से उनकी क्या बातचीत हुई?मनीष सिसोदिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर हम चार्ज होने आए हैं. लोगों के बीच मायूसी हैं कि अरविंद केजरीवाल जेल से आ गए हैं लेकिन वो सीएम नहीं है. खुशी इस बात की है कि जेल के ताले तोड़कर वो हमारे बीच आ गए हैं. मैं 17 महीने जेल में था. बाहर आया तो खुशी हुई लेकिन ज्यादा खुशी तब हुई जब अरविंद केजरीवाल बाहर आए. जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो कुछ लोगों को साजिश रचकर जेल में डाला.

26 साल पुरानी दोस्ती

उन्होंने कहा कि इनकी कोशिश थी कि ये टूट जाए जब बाहर से नहीं टूटा तो अंदर से तोड़ने की कोशिश की. बेशर्मी देखिए इनकी CBI ने कहा कि मनीष सिसोदिया ने केजरीवाल का नाम दिया. मुझे जेल में कहा गया कि देखो केजरीवाल ने आपका नाम ले दिया आप उनका नाम ले दो और आप बच जाओगे. मैं उनसे कहता था आप लक्ष्मण को राम से अलग करने की कोशिश कर रहे हो. दुनिया में किसी में ताकत नहीं जो लक्ष्मण को राम से अलग कर सके. अरविंद केजरीवाल से मेरी 26 साल पुरानी दोस्ती है. वह मेरे राजनैतिक गुरु हैं.

लोगों के सामने हाथ फैलाने पड़े

मनीष सिसोदिया ने यह भी कहा कि झूठे बयानों के आधार पर मुझे और संजय सिंह को जेल में डाला गया लेकिन SC ने कहा इन बयानों से कुछ नहीं होगा. मुझे बोला गया कि आपकी पत्नी बीमार है और बेटा बाहर पढ़ रहा है. मेरे अकाउंट के 10 लाख रुपए भी इन्होंने जब्त कर लिए, मेरा बेटा कॉलेज पढ़ता है मुझे उसकी फीस भरने के लिए लोगों के सामने हाथ फैलाने पड़े.

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